मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन- किरण को भारत के हर घर में पहुँचाने के लिए मुहिम


मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन- किरण को भारत के हर घर में पहुँचाने के लिए मुहिम
समस्या
चेतावनी: इस पेटीशन में आत्महत्या का उल्लेख है
24 दिसंबर, 2014: ये वो दिन था जब मैंने दो जानें खोई थीं।
एक सामान्य दिन के रूप में शुरू हुआ वो दिन, जल्द मेरे जीवन के सबसे भयानक दिन में बदल गया। मेरा घर, मेरी माँ के घर के बिलकुल बगल में था, और रोज़ की तरह मैं उनके साथ जिम जाने के लिए तैयार हो रही थी। मैंने उनके घर की घंटी बजाई, जब उन्होंने दरवाज़ा खोला, तो कुछ अलग सा था। लग रहा था कि वो थकी हुई हैं, घबराई हुई हैं। मैंने उन्हें तैयार होने को कहाँ, उन्हें निम्बू पानी दिया, और वो तैयार होने चली गईं।
मैं 20 मिनट बाद लौटी और फिर उनके घर की घंटी बजाई। कुछ ठीक सा नहीं लग रहा था, मेरे मन में अब डर पैदा हो रहा था। मैंने घर का दरवाजा तोड़ा। आस पास के कुत्तों ने भी अब भौंकना बंद कर दिया था और दिखाई नहीं दे रहे थे।
मैं अंदर भागी और देखा कि मेरी माँ ने फांसी लगा ली थी और आत्महत्या से उनकी मृत्यु हो गई थी। मैं 23 साल की थी और उस दिन मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
मेरी माँ मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी, और मैं उनके बिना इस दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकती थी। मैंने अपनी आत्मा को भी उस दिन खो दिया। मेरी माँ की डायरी से पता चला कि वह लंबे समय से दुखी थीं। काश उन्होंने हम में से किसी के साथ अपना दुःख साझा किया होता!
उस हादसे के बाद मैं इतनी निराश थी कि मैंने अपनी जान लेने की कोशिश की। मैंने मदद लेने की कोशिश थी - स्थानीय हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल भी किया था मगर किसी ने भी फ़ोन नहीं उठाया। मेरे पति सही समय पर पहुँचे, उन्होंने मेरी मदद की, और आज, अन्य लोगों के सपोर्ट के चलते, मैं अब बेहतर हूँ।
देश में और इतने सारे लोग होंगे जो मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिल पाती क्योंकि कोई भी सुसाइड हेल्पलाइन का जवाब ही नहीं देता। मैं इसे बदलना चाहती हूं। मैं नहीं चाहती कि और किसी भी व्यक्ति को अपनी माँ को खोना पड़े क्यूँकि उन्हें सही समय पर मदद नहीं मिल पाई।
बदलाव की दिशा में पहला कदम यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन, किरण के बारे में सभी को पता हो। नेटफ़्लिक्स, हॉटस्टार, ऐमज़ान प्राइम जैसे OTT प्लेटफॉर्म दुनिया भर में लाखों दर्शकों के जीवन का हिस्सा हैं। एक अध्ययन के अनुसार, भारत में 2023 तक इन OTT प्लेटफॉर्म पर 50 करोड़ सब्स्क्राइबर होंगे, जिसमें मुख्य रूप से 15-35 वर्ष आयु वर्ग के युवा होंगे।
मैं चाहती हूं कि 24x7 निःशुल्क टेली काउंसलिंग मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सभी भारतीय OTT प्लेटफॉर्म (नेटफ़्लिक्स / ऐमज़ान प्राइम / हॉटस्तर / ज़ी5) पर प्रदर्शित हो। प्रासंगिक दृश्यों के दौरान और शो शुरू होने से पहले इस नंबर को एक संदेश के रूप में दिखाया जाए ताकि दर्शकों को पता रहे कि जब उन्हें मदद की ज़रूरत हो तो उन्हें वो मदद कहाँ मिल सकती है।
इस बदलाव को मुमकिन बनाने के लिए, मेरी पेटीशन साइन-शेयर करें।
समस्या
चेतावनी: इस पेटीशन में आत्महत्या का उल्लेख है
24 दिसंबर, 2014: ये वो दिन था जब मैंने दो जानें खोई थीं।
एक सामान्य दिन के रूप में शुरू हुआ वो दिन, जल्द मेरे जीवन के सबसे भयानक दिन में बदल गया। मेरा घर, मेरी माँ के घर के बिलकुल बगल में था, और रोज़ की तरह मैं उनके साथ जिम जाने के लिए तैयार हो रही थी। मैंने उनके घर की घंटी बजाई, जब उन्होंने दरवाज़ा खोला, तो कुछ अलग सा था। लग रहा था कि वो थकी हुई हैं, घबराई हुई हैं। मैंने उन्हें तैयार होने को कहाँ, उन्हें निम्बू पानी दिया, और वो तैयार होने चली गईं।
मैं 20 मिनट बाद लौटी और फिर उनके घर की घंटी बजाई। कुछ ठीक सा नहीं लग रहा था, मेरे मन में अब डर पैदा हो रहा था। मैंने घर का दरवाजा तोड़ा। आस पास के कुत्तों ने भी अब भौंकना बंद कर दिया था और दिखाई नहीं दे रहे थे।
मैं अंदर भागी और देखा कि मेरी माँ ने फांसी लगा ली थी और आत्महत्या से उनकी मृत्यु हो गई थी। मैं 23 साल की थी और उस दिन मेरी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
मेरी माँ मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी, और मैं उनके बिना इस दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकती थी। मैंने अपनी आत्मा को भी उस दिन खो दिया। मेरी माँ की डायरी से पता चला कि वह लंबे समय से दुखी थीं। काश उन्होंने हम में से किसी के साथ अपना दुःख साझा किया होता!
उस हादसे के बाद मैं इतनी निराश थी कि मैंने अपनी जान लेने की कोशिश की। मैंने मदद लेने की कोशिश थी - स्थानीय हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल भी किया था मगर किसी ने भी फ़ोन नहीं उठाया। मेरे पति सही समय पर पहुँचे, उन्होंने मेरी मदद की, और आज, अन्य लोगों के सपोर्ट के चलते, मैं अब बेहतर हूँ।
देश में और इतने सारे लोग होंगे जो मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिल पाती क्योंकि कोई भी सुसाइड हेल्पलाइन का जवाब ही नहीं देता। मैं इसे बदलना चाहती हूं। मैं नहीं चाहती कि और किसी भी व्यक्ति को अपनी माँ को खोना पड़े क्यूँकि उन्हें सही समय पर मदद नहीं मिल पाई।
बदलाव की दिशा में पहला कदम यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन, किरण के बारे में सभी को पता हो। नेटफ़्लिक्स, हॉटस्टार, ऐमज़ान प्राइम जैसे OTT प्लेटफॉर्म दुनिया भर में लाखों दर्शकों के जीवन का हिस्सा हैं। एक अध्ययन के अनुसार, भारत में 2023 तक इन OTT प्लेटफॉर्म पर 50 करोड़ सब्स्क्राइबर होंगे, जिसमें मुख्य रूप से 15-35 वर्ष आयु वर्ग के युवा होंगे।
मैं चाहती हूं कि 24x7 निःशुल्क टेली काउंसलिंग मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सभी भारतीय OTT प्लेटफॉर्म (नेटफ़्लिक्स / ऐमज़ान प्राइम / हॉटस्तर / ज़ी5) पर प्रदर्शित हो। प्रासंगिक दृश्यों के दौरान और शो शुरू होने से पहले इस नंबर को एक संदेश के रूप में दिखाया जाए ताकि दर्शकों को पता रहे कि जब उन्हें मदद की ज़रूरत हो तो उन्हें वो मदद कहाँ मिल सकती है।
इस बदलाव को मुमकिन बनाने के लिए, मेरी पेटीशन साइन-शेयर करें।
पेटीशन बंद हो गई
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फैसला लेने वाले
18 मई 2022 पर पेटीशन बनाई गई