#LostVotes: हर भारतीय को मिले देश की किसी भी हिस्से से वोट डालने का अधिकार


#LostVotes: हर भारतीय को मिले देश की किसी भी हिस्से से वोट डालने का अधिकार
समस्या
प्रांजल, आईआईटी दिल्ली के छात्र हैं और विनोद, ऊबर ड्राइवर, पर दोनों में एक समानता है। जानते हैं क्या? दोनों 2019 के चुनावों में अपना वोट नहीं डाल सकते। क्योंकि दोनों अपना गाँव, अपना शहर छोड़कर किसी दूसरे शहर में रहते हैं। एक पढ़ाई के लिए और दूसरा नौकरी के लिए।
प्रांजल कहते हैं, “मैं कोटा से हूँ और इस बार राजस्थान के चुनावों में वोट डालने के लिए मैं बहुत उत्सुक था। पर मैं वोट डालने नहीं जा सका क्योंकि पढ़ाई पर असर पड़ता। मैं 3-4 दिन कॉलेज ना जाने का नुकसान नहीं उठा सकता।”
एटा से आने वाले विनोद, नोएडा में ऊबर चलाते हैं। वो कहते हैं, “यूपी चुनावों में वोट डालने के लिए मैं गाँव जाना चाहता था, पर हम जैसे डेली कमाने और खाने वालों के लिए 200 किलोमीटर का सफर बहुत महंगा होता है। इसके लिए हमारे पास न समय होता है और ना ही पैसा। काश वोट डालने वाले किसी भी जगह से वोट डाल सकते!”
प्रांजल और विनोद की तरह करोड़ों भारतीय शिक्षा और रोज़गार के लिए अपना शहर या गाँव छोड़कर दूसरे शहर में रहते हैं। उनके पास वोटर आईडी-कार्ड तो होता है, पर वो अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकते। वोटर-लिस्ट में नाम होने के बावजूद, घर से दूर होने के कारण वो वोट नहीं डाल पाते।
आप, जो इस पेटीशन को पढ़ रहे हैं, बहुत मुमकिन है कि आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही हो। समय आ गया है कि इस कहानी को नया मोड़ दिया जाए।
इस पेटीशन पर हस्ताक्षर करें ताकि 2019 के आम चुनावों में हर भारतीय को, घर से दूर होकर भी वोट डालने का अधिकार मिले।
कितनी अजीब बात है कि एक जगह से दूसरी जगह जाने पर हमारा मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर और आधार नंबर काम कर सकता है, पर हमारा वोटर आईडी कार्ड नंबर नहीं। कितनी अजीब बात है कि अपना गाँव या शहर छोड़ने पर हम उसके साथ अपना मताधिकार भी छोड़ आते हैं।
2014 में इस एक कारण से लाखों भारतीय वोट नहीं डाल पाए थे। आइये मिलकर प्रयास करें कि 2019 में ऐसा ना हो।
इस पेटीशन पर हस्ताक्षर कर के चुनाव आयोग से मांग करें कि वो वोटर आईडी-कार्ड धारकों को देश के किसी भी हिस्से से वोट डालने का अधिकार दे- चाहे वो अपने गाँव या शहर में हों या किसी और शहर में।
अगर प्रवासी भारतीय (NRI) को ये अधिकार है कि वो देश से बाहर रहकर भी वोट डाल सकते हैं, तो देश में रहने वालों के लिए ऐसा क्यों संभव नहीं?
समय आ गया है कि इन खोए हुए वोटों को चुनाव का रुख बदलने वाले वोटों में बदला जाए। क्योंकि वोट से ही देश का भविष्य तय होता है। #LostVotes

समस्या
प्रांजल, आईआईटी दिल्ली के छात्र हैं और विनोद, ऊबर ड्राइवर, पर दोनों में एक समानता है। जानते हैं क्या? दोनों 2019 के चुनावों में अपना वोट नहीं डाल सकते। क्योंकि दोनों अपना गाँव, अपना शहर छोड़कर किसी दूसरे शहर में रहते हैं। एक पढ़ाई के लिए और दूसरा नौकरी के लिए।
प्रांजल कहते हैं, “मैं कोटा से हूँ और इस बार राजस्थान के चुनावों में वोट डालने के लिए मैं बहुत उत्सुक था। पर मैं वोट डालने नहीं जा सका क्योंकि पढ़ाई पर असर पड़ता। मैं 3-4 दिन कॉलेज ना जाने का नुकसान नहीं उठा सकता।”
एटा से आने वाले विनोद, नोएडा में ऊबर चलाते हैं। वो कहते हैं, “यूपी चुनावों में वोट डालने के लिए मैं गाँव जाना चाहता था, पर हम जैसे डेली कमाने और खाने वालों के लिए 200 किलोमीटर का सफर बहुत महंगा होता है। इसके लिए हमारे पास न समय होता है और ना ही पैसा। काश वोट डालने वाले किसी भी जगह से वोट डाल सकते!”
प्रांजल और विनोद की तरह करोड़ों भारतीय शिक्षा और रोज़गार के लिए अपना शहर या गाँव छोड़कर दूसरे शहर में रहते हैं। उनके पास वोटर आईडी-कार्ड तो होता है, पर वो अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकते। वोटर-लिस्ट में नाम होने के बावजूद, घर से दूर होने के कारण वो वोट नहीं डाल पाते।
आप, जो इस पेटीशन को पढ़ रहे हैं, बहुत मुमकिन है कि आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही हो। समय आ गया है कि इस कहानी को नया मोड़ दिया जाए।
इस पेटीशन पर हस्ताक्षर करें ताकि 2019 के आम चुनावों में हर भारतीय को, घर से दूर होकर भी वोट डालने का अधिकार मिले।
कितनी अजीब बात है कि एक जगह से दूसरी जगह जाने पर हमारा मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर और आधार नंबर काम कर सकता है, पर हमारा वोटर आईडी कार्ड नंबर नहीं। कितनी अजीब बात है कि अपना गाँव या शहर छोड़ने पर हम उसके साथ अपना मताधिकार भी छोड़ आते हैं।
2014 में इस एक कारण से लाखों भारतीय वोट नहीं डाल पाए थे। आइये मिलकर प्रयास करें कि 2019 में ऐसा ना हो।
इस पेटीशन पर हस्ताक्षर कर के चुनाव आयोग से मांग करें कि वो वोटर आईडी-कार्ड धारकों को देश के किसी भी हिस्से से वोट डालने का अधिकार दे- चाहे वो अपने गाँव या शहर में हों या किसी और शहर में।
अगर प्रवासी भारतीय (NRI) को ये अधिकार है कि वो देश से बाहर रहकर भी वोट डाल सकते हैं, तो देश में रहने वालों के लिए ऐसा क्यों संभव नहीं?
समय आ गया है कि इन खोए हुए वोटों को चुनाव का रुख बदलने वाले वोटों में बदला जाए। क्योंकि वोट से ही देश का भविष्य तय होता है। #LostVotes

पेटीशन बंद हो गई
इस पेटीशन को शेयर करें
फैसला लेने वाले
पेटीशन अपडेट
पेटीशन को शेयर करें
16 जनवरी 2019 पर पेटीशन बनाई गई